मैरा पहला प्यार
अक्सर ही अधूरा रह जाता है हमारा पहला प्यार.. क्यों?
ये टॉपिक पढ़ते ही आपको अपने हाईस्कूल क्रश की याद आ जाएगी या फिर उस लड़के/लड़की की जिसे बचपन के दिनों में आप मिले हों और बिछड़ने के बाद आपको एहसास हुआ हो कि कहीं न कहीं कुछ तो था। आज हो सकता है आप किसी के साथ रिलेशनशिप में हों, मैरिड हों या फिर सिंगल भी हों पर बहुत कम लोग ऐसे होते हैं जिनका पहला प्यार उम्र भर चलता है। अक्सर ऐसी चीजें ज़िंदगी के रास्ते में पीछे छूट जाती हैं। आप अब भी कभी-कभी उन्हें याद करते हैं, एक भीनी मुस्कान के साथ और कई बार ये भी सोचते हैं कि कैसा होता अगर वो अब भी साथ होते। हमारा पहला प्यार अक्सर बीच रास्ते में ही छूट जाता है क्योंकि उस छोटी उम्र में जब आप आठवीं या नौवीं क्लास में थे तो अचानक ही प्यार के बुखार से आपका परिचय हुआ था। उस वक्त आपको प्यार इसलिए नहीं करना था कि आप सच में किसी को पसंद करते थे। आप ने तब इसलिए प्यार किया क्योंकि आपको लगा कि वो प्यार का मौसम है। मतलब आप ने बस प्यार को फील करने के लिए प्यार किया था, अब ऐसे में इस बुखार से एक न एक दिन तो बाहर आना ही था। कई पहले प्यार के किस्सों में ऐसा भी होता है कि आप दोनों एक-दूजे को पसंद करते हैं और रिलेशनशिप में आ जाते हैं और फिर रहते-रहते आपको पता चलता है कि ये इंसान तो वैसा है ही नहीं जैसा आप सोचते थे, फिर इसके साथ आप कैसे रह सकेंगे? इस तरह ये किस्सा खत्म हो जाता है। कुछ लोगों की ज़िंदगी इतनी तेज़ी से भागती चली जाती है कि बिना किसी परेशानी या शिकायत के भी प्यार पीछे छूट जाता है। आप उसे प्यार करते थे, फिर आप दोनों कॉलेज में गए। आप दोनों के शहर अलग हो गए, न चाहते हुए भी कॉन्टैक्ट कम हो गया। आपकी और उसकी प्रायॉरिटीज़ (वरीयताएं) बदलती गईं। आज आप सोचते हैं तो महसूस करते हैं कि आप दोनों के बीच सब ठीक ही तो था। कोई शिकायत नहीं थी, पर आपका रिश्ता नहीं चला क्योंकि फासले बढ़ गए। कई बार आप करियर बनाने के चक्कर में आगे बढ़ गए। उस वक्त पढ़ाई और करियर का स्ट्रेस इतना ज्यादा था जो आपका प्यार झेल नहीं पाया और आप ने हाथ खड़े कर दिए। आज सबकुछ ठीक है पर आप चाहकर भी उन पुराने दिनों में नहीं लौट सकते। सबकुछ पीछे छूट गया पर वो यादें आज भी आपके चेहरे पर मुस्कान बिखेर देती हैं। सच में पहला प्यार हमेशा यादगार रहता है पर अक्सर ही अधूरा भी।
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